वैश्विक स्तर पर एजाइल इम्प्लीमेंटेशन के लिए स्क्रम एक सबसे प्रचलित और पसंदीदा एजाइल फ्रेमवर्क है| हालांकि स्क्रम एक बहुत ही सरल प्रोसेस है, जिसे समझना और इम्प्लेमेंट करना बहुत ही आसान होता है लेकिन फिर भी यह बड़े व जटिल प्रोजेक्ट्स को मैनेज करने के लिए बहुत ही उपयोगी है| किसी भी ऑर्गेनाइजेशन या टीम में एजाइल की शुरुआत करने के लिए स्क्रम एक बहुत उपयोगी और कुशल एजाइल फ्रेमवर्क है|

 

स्क्रम एक एजाइल फ्रेमवर्क है|

तो अब प्रश्न उठाता है कि यह एजाइल क्या है:

एजाइल एक अम्ब्रेला टर्म (व्यापक पारिभाषिक शब्द) है| एजाइल में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से सम्बंधित अनेक मेथड्स और प्रोसेसेस शामिल रहती हैं| एजाइल प्रैक्टिसेज (कार्यव्यवहार) लगभग 90 के दशक की शुरुआत से ही दुनिया में प्रयोग में लाई जा रही हैं| एजाइल एक संगठित रूप में 2001 में सामने आया, जब एजाइल मेनिफेस्टो (http://www.agilemanifesto.org/) पब्लिश किया गया| एजाइल मेनिफेस्टो का हिंदी अनुवाद आप आगे “एजाइल मेनिफेस्टो” के टेब में देख सकते हैं|

सामान्य रूप से एजाइल को समझने का प्रयास करें, तो मैं एजाइल को एक लीडरशिप फिलोसफी (नेतृत्व दर्शन) मानता हूँ| एजाइल स्व-प्रबंधन, जवाबदेही, सहभागिता, पारदर्शिता, टीम वर्क और डिस्ट्रिब्यूटेड लीडरशिप को बढ़ावा देता है| एजाइल समय-असमय होने वाले बदलाओं के प्रति अनुक्रिया (रिस्पांस) करने और निरंतर सुधार करने की प्रक्रिया को आसान व प्रगतिशील बनाता है| इसके लिए एजाइल एक खुला मंच प्रदान करता है, जिसमें आप उपलब्ध अनेक एजाइल मेथड्स व प्रोसेसेस में से अपनी आवश्यकता और सुविधानुसार किसी का भी उपयोग कर सकते हैं|

एजाइल की ये उपरोक्त वर्णित कुछ विशेषताएं और इसका मानव संसाधन केन्द्रित दृष्टिकोण (Human Resource Centric Approach), एजाइल को केवल सॉफ्टवेयर ही नहीं, बल्कि किसी भी क्षेत्र में प्रयुक्त किये जाने हेतु सक्षम बनाता है| एजाइल की यही विशेषताएं एजाइल को हमारे पारिवारिक जीवन में अमल में लाये जाने के लिए भी पूर्ण रूप से उपयुक्त बनाता है|

स्क्रम क्या है?

स्क्रम एक एजाइल प्रोसेस है जो कि एजाइल के कोर कांसेप्ट (मुख्य विचार) पर आधारित है| यह मुख्य रूप से इटरेशन और इंक्रीमेंटल डेवलपमेंट पर ध्यान देती है| स्क्रम प्रमुखता से निम्न बातों पर ज़ोर देती है:

  • फ्लेक्सिबिलिटी (लचीलापन)
  • सेल्फ-ऑर्गेनाइजेशन (स्वयं को व्यवस्थित रखना)
  • कोलैबोरेशन (सहकार्य)
  • प्राइऑरटाइज़ेशन (प्राथमिकता)
  • टाइम बॉक्सिंग (समय-बद्धता)
  • इम्पेरिसिज्म (अनुभववाद)
  • कंटिन्यूअल फीडबैक (लगातार सम्बंधित जानकारी प्राप्त करना)

 

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स्क्रम फ्रेमवर्क

वैश्विक स्तर पर एजाइल इम्प्लीमेंटेशन के लिए स्क्रम एक सबसे प्रचलित और पसंदीदा एजाइल फ्रेमवर्क है| हालांकि स्क्रम एक बहुत ही सरल प्रोसेस है, जिसे समझना और इम्प्लेमेंट करना बहुत ही आसान होता है लेकिन फिर भी बड़े व जटिल प्रोजेक्ट्स को मैनेज करने के लिए स्क्रम एक बहुत ही उपयोगी है| किसी भी ऑर्गेनाइजेशन या टीम में एजाइल की शुरुआत करने के लिए स्क्रम एक बहुत उपयोगी और कुशल फ्रेमवर्क है|

स्क्रम की ऐप्लकबिलटी:

हालांकि स्क्रम की शुरुआत जटिल सॉफ्टवेर डेवलपमेंट को मैनेज करने से हुई थी, लेकिन एजाइल के कोर कॉन्सेप्ट्स पर आधारित होने के कारण स्क्रम किसी भी प्रकार के सामान्य या जटिल कार्य और टीम वर्क के लिए बहुत ही उपयुक्त, कुशल व प्रभावी फ्रेमवर्क है| और वर्तमान में स्क्रम को वैश्विक स्तर पर लगभग सभी आकार-प्रकार के संगठनों द्वारा, बड़े व जटिल प्रोजेक्ट्स से लेकर शिक्षा और यहाँ तक कि हमारे घर में भी फॅमिली मैनेजमेंट में उपयोग में लाया जा रहा है| “एजाइल किड्स” बुक एजाइल के होम इम्प्लीमेंटेशन पर ही आधारित है|

स्क्रम फ्रेमवर्क को किन लोगों/संगठनों द्वारा और क्यों उपयोग किया जाता है इसे समझने के लिए स्क्रमअलायन्स के इस लिंक को देखें|

 
Scrum Guide 2016केन श्वाबर एवं जेफ़ सदरलैंड ने “द स्क्रम गाइड“ (डाउनलोड लिंक) को विकसित किया है, इसके अनुसार:

स्क्रम गाइड का उद्देश्य

स्क्रम, जटिल प्राडक्ट्स को विकसित करने और उनकी निरंतरता बनाए रखने का एक फ्रेमवर्क है| इस परिभाषा में स्क्रम की वे भूमिकाएं, इवेंट्स, आर्टिफैक्ट्स और नियम शामिल हैं जो इन्हें एक साथ जोड़कर रखते हैं| केन श्वाबर और जेफ़ सदरलैंड ने स्क्रम को विकसित किया; स्क्रम गाइड उनके द्वारा लिखी तथा प्रदान की गयी है| वे साथ-साथ, हमेशा ही स्क्रम गाइड के समर्थन में रहते हैं|

स्क्रम की परिभाषा

स्क्रम (न): एक फ्रेमवर्क (ढांचा), जिसके अंतर्गत लोग, उत्पादकता (प्रॉडक्टिवली) और रचनात्मकता (क्रिएटिवली) के साथ उच्चतम संभव वैल्यू (उपयोगिता) का प्रॉडक्ट प्रदान करने के साथ ही, जटिल अनुकूलन समस्याओं (कॉम्प्लेक्स एडाप्टिव प्रोब्लेम्स) पर भी ध्यान दे सकते हैं|

स्क्रम:

  • सरल (लाईटवेट)
  • समझने में आसान
  • निपुण/दक्ष/विशेषज्ञ बनने में कठिन

स्क्रम एक प्रोसेस फ्रेमवर्क है जिसका उपयोग 90 के दशक की शुरुआत से ही जटिल प्रॉडक्ट डेवलपमेंट को मैनेज करने में किया गया है| स्क्रम, प्रॉडक्ट्स को तैयार करने के लिए कोई प्रोसेस या कोई टेक्नीक नहीं है, बल्कि यह एक फ्रेमवर्क है जिसके अंतर्गत आप विभिन्न प्रोसेसेज़ और टेक्नीक्स का प्रयोग कर सकते हैं| स्क्रम आपके प्रॉडक्ट मैनेजमेंट और डेवलपमेंट प्रैक्टिसेज़ की परस्पर प्रभावकारिता को स्पष्ट करता है, ताकि आप और बेहतर हो सकें|

स्क्रम फ्रेमवर्क में स्क्रम टीम्स और उनसे सम्बंधित रोल्स, इवेंट्स, आर्टिफैक्ट्स और रूल्स शामिल होते हैं| फ्रेमवर्क के अंतर्गत प्रत्येक कॉम्पोनेन्ट एक विशिष्ट उद्देश्य को पूरा करता है और स्क्रम की सफलता व उपयोग के लिए अत्यंत आवश्यक है|

स्क्रम के रूल्स इवेंट्स, रोल्स व आर्टिफैक्ट्स को एक साथ जोड़ते हैं और उनके बीच परस्पर संबंध व क्रिया का संचालन करते हैं| स्क्रम के रूल्स का वर्णन इस पूरे डोक्युमेंट में किया गया है|

स्क्रम फ्रेमवर्क को उपयोग करने की विशिष्ट कार्यनीतियां (टेक्टिक्स) बदलती रहती हैं और अन्यत्र वर्णित हैं|

 

(http://www.agilemanifesto.org/ का हिंदी अनुवाद)
अजाइल सॉफ्टवेयर विकास के लिए घोषणापत्र

इसके द्वारा हम सॉफ्टवेयर विकास के बेहतर तरीकों को बता रहे हैं और ऐसा करने में दूसरों की सहायता कर रहे हैं| इस कार्य के माध्यम से हम निम्नलिखित की उपयोगिता पर पहुंचे हैं:

व्यक्ति और परस्पर-क्रिया, उपकरण और प्रक्रिया से अधिक उपयोगी

कार्यशील सॉफ्टवेयर, व्यापक प्रलेखन से अधिक उपयोगी

ग्राहक सहभागिता, अनुबंध समझौता-वार्ता से अधिक उपयोगी

परिवर्तन के प्रति अनुक्रिया, एक योजना का पालन करने से अधिक उपयोगी

अर्थात, यद्यपि दांयीं ओर के विषयों का महत्त्व है, लेकिन हम बांयीं ओर के विषयों की उपयोगिता को अधिक महत्त्व देते हैं|


(http://www.agilemanifesto.org/principles.html का हिंदी अनुवाद)
अजाइल घोषणापत्र के पीछे के सिद्धांत

हम इन सिद्धांतों का पालन करते हैं:

  1. हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता उपयोगी सॉफ्टवेयर को शीघ्रता से और निरंतर प्रदान करके ग्राहक को संतुष्ट करना|
  2. विकास के अंतिम चरणों में भी परिवर्तित होती आवश्यकताओं का स्वागत करना| अजाइल प्रक्रियाएं परिवर्तन/बदलाव का उपयोग ग्राहकों के प्रतिस्पर्धी लाभ के लिए करती हैं|
  3. कार्यशील सॉफ्टवेयर को लगातार प्रदान करना, कुछ हफ़्तों से लेकर कुछ महीनों में, अल्पावधि समय-पैमाने को प्राथमिकता के साथ|
  4. व्यापार से जुड़े लोगों और डेवेलपर्स को परियोजना के दौरान दैनिक रूप से एक साथ कार्य करना चाहिए|
  5. परियोजनाओं को प्रेरित व्यक्तियों के आस-पास निर्मित करें| उन्हें आवश्यक वातावरण और सहायता दें, और कार्य करवाने के लिए उन पर भरोसा करें|
  6. एक डेवलपमेंट टीम को और उसके अन्दर जानकारी/सन्देश देने/प्रेषित या व्यक्त करने की सबसे कुशल और प्रभावी पद्धति होती है, रूबरू-संवाद (आमने-सामने का संवाद)|
  7. कार्यशील सॉफ्टवेयर प्रगति की प्राथमिक माप है|
  8. अजाइल प्रक्रियाएं स्थाई/कायम रहने वाले विकास को बढ़ावा देती हैं| प्रायोजक, डेवेलपर्स, और उपयोगकर्ता अनिश्चित समय तक एक स्थिर गति बनाए रखने में सक्षम होना चाहिए|
  9. तकनीकी उत्कृष्टता और उपयुक्त डिजाइन पर निरंतर ध्यान देना एजिलिटी को बढ़ाता है|
  10. सरलता – जो कि अपूर्ण कार्य की मात्रा को अधिकतम करने की कला – अत्यावश्यक होती है|
  11. श्रेष्ठ संरचनाएँ, आवश्यकताएं, और डिज़ाइंस स्व-संगठित टीमों से उभरती हैं|
  12. नियमित अंतराल पर, टीम इस पर विचार करती है की कैसे और अधिक प्रभावी बना जाए, फिर इसके अनुसार अपने व्यवहार को अनुकूल/ठीक और समायोजित करती हैं|


Hindi
“एजाइल किड्स – मेरा बॉस कौन है?”

“एजाइल किड्स” एजाइल के ग्लोबल फ्रेमवर्क का फॅमिली इम्प्लीमेंटेशन है| डेली टास्क्स को पूरा करने और पारिवारिक संवाद को बेहतर बनाने के लिए यह आपको एक सरल और व्यावहारिक तरीका बताती है| इस आधुनिक और व्यस्त जीवन में “एजाइल किड्स” माता-पिता और बच्चों दोनों के लिए ही बहुत उपयोगी पुस्तक है|

इस पुस्तक की उपयोगिता और एजाइल के प्रभावी फॅमिली इम्प्लीमेंटेशन के कारण यह पुस्तक अंग्रेज़ी (English) के अलावा दुनिया की पाँच (5) अन्य भाषाओं हिब्रू (Hebrew), स्पेनिश (Spanish), इटालियन (Italian), रशियन (Russian) और हिंदी (Hindi) में भी अनुवादित की जा चुकी है|

“एजाइल किड्स” बुक के पाठकों के कुछ फीडबैक पढ़ने के लिए क्लिक करें|

बच्चों के विकास का एक महत्वपूर्ण भाग उनकी चुनाव करने, स्वतंत्र रहने व उनके जीवन में जो कुछ भी घटित होता है उस पर ठीक तरह से नियंत्रण करने की उनकी योग्यता, आदि होते हैं| माता-पिता को भी उनकी इस आज़ादी को समझने और उसे प्रोत्साहित करने की ज़रूरत होती है| “एजाइल किड्स” आपको व्यावहारिक गतिविधियों के एक संग्रह के माध्यम से यह दर्शाती है कि आप अपने अभिभावकीय अधिकारों को छोड़े बिना ही कैसे अपने बच्चों को सशक्त और सक्षम बना सकते हैं| “एजाइल किड्स” का प्रत्येक अध्याय आपको स्पष्ट रूप से उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराता है, जिसे आप पढ़ने के साथ-साथ ही अमल में भी ला सकते हैं| इस पुस्तक में वर्णन की गई पद्धतियाँ बच्चों को वैल्यूज़ (पारिवारिक मूल्य) और दूसरों का सम्मान करना सिखाने में भी बहुत कुशल व प्रभावी हैं|

“एजाइल किड्स” पुस्तक की लेखिका शर्ली रोनेन–हारेल (Shirly Ronen – Harel) और लेखक डैनी (डैन्को) कोवाच (Danny (DanKo) Kovatch) ने एजाइल का अपने-अपने परिवारों में बहुत सफल प्रयोग किया है| “एजाइल किड्स” उनके इसी अनुभव पर आधारित है| आप उनके अनुभवों के बारे में विस्तार से “एजाइल किड्स” के अध्याय 19 में पढ़ सकते हैं|

हर माता-पिता इस बात को भलीभांति समझते हैं कि बच्चों का पालन-पोषण और उनकी परवरिश आसान नहीं हैं| यह बहुत ही ज़िम्मेदारी वाला पूर्ण-कालिक कार्य होता है जिस पर आपके बच्चों का पूरा भविष्य निर्भर करता है| आपकी इस ज़िम्मेदारी का निर्वहन “एजाइल किड्स” निश्चित रूप से नहीं कर सकता क्योंकि माता-पिता का स्थान कोई भी नहीं ले सकता है| लेकिन आपके बच्चों के सशक्तिकरण हेतु “एजाइल किड्स” आपको सरल, प्रभावी और व्यावहारिक एजाइल टूल्स व टेक्निक्स अवश्य उपलब्ध कराता है|