Basic Formulas of Socio-Economic Upliftment and Progress…….

सामाजिक-आर्थिक उत्थान और प्रगति के कुछ बुनियादी सूत्र

Swami Vivekanand      Mahatma Gandhi      Sardar Patel       Ambedkar Ji        Netaji-Subhash-Chandra-Bose


  1. Cover 1 copyजीवन में सबसे पहले एक सकारात्मक सोच के साथ अपने अस्तित्व, जाति, धर्म, परिवेश और परिस्थितियों के सह-अस्तित्व को स्वीकार करें और सदैव ध्यान रखें की यह स्वीकृति, समर्पण नहीं है| इससे आपको स्वयं को समझने/पहचानने में, स्वयं का सम्मान करने में, अपनी कुंठा/द्वेष को दूर करने में और स्वयं के साथ हमेशा इमानदार रहने में बहुत सहायता मिलेगी| और आप अपनी पूरी शक्ति को स्वयं अपने व अपने परिवार के सामाजिक-आर्थिक उत्थान और प्रगति के लिए सदुपयोग कर पायेंगे|
  2. जीवन पथ के संघर्षों को जीवन प्रशिक्षण की एक ईश्वरीय कृपा समझें और इनका समस्या के बजाय चुनौती भरी टास्क के रूप में सामना करें| यह आपको कर्मठ और निडर बनने में सहायता करेगा|
  3. अपनी मनोदशा और नज़रिए को सदैव सकारात्मक रखें| यह आपकी सोच को प्रगतिशील और समझ को व्यापक बनाए रखने में आपकी सहायता करेगा|
  4. मतभेद को स्वीकार कर आगे बढ़ें और दूसरे के नज़रिए/परिस्थिति/अनुभव के परिप्रेक्ष्य में इसे समझकर मतभेद दूर करने का प्रयास करें| इससे जीवन में कभी किसी से मनभेद नहीं होगा|
  5. दूसरों के व्यक्तित्व को स्वीकार करें और उसका सम्मान करें| यह आपके व्यक्तित्व में मानवीयता और सहजता विकसित करेगा|
  6. समय कम और काम अधिक है, अत: समय का मूल्य समझें, इसे व्यर्थ ना करें और इसका बेहतर प्रबंधन करें|
  7. और, उपरोक्त के शक्तिशाली मानसिक आधार के साथ यदि कर्म ही आपके लिए पूजा है तो स्किल्स व स्किल डेवलपमेंट आपके एवं आपके परिवार के सामाजिक-आर्थिक उत्थान और प्रगति का उत्तम और सफल मार्ग है|

APJ

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