एजाइल किड्स – हिंदी संस्करण

Hindi“एजाइल किड्स – मेरा बॉस कौन है?”

“एजाइल किड्स” एजाइल के ग्लोबल फ्रेमवर्क का फॅमिली इम्प्लीमेंटेशन है| डेली टास्क्स को पूरा करने और पारिवारिक संवाद को बेहतर बनाने के लिए यह आपको एक सरल और व्यावहारिक तरीका बताती है| इस आधुनिक और व्यस्त जीवन में “एजाइल किड्स” माता-पिता और बच्चों दोनों के लिए ही बहुत उपयोगी पुस्तक है| इस पुस्तक की उपयोगिता और एजाइल के प्रभावी फॅमिली इम्प्लीमेंटेशन के कारण यह पुस्तक अंग्रेज़ी (English) के अलावा दुनिया की पाँच (5) अन्य भाषाओं हिब्रू (Hebrew), स्पेनिश (Spanish), इटालियन (Italian), रशियन (Russian) और हिंदी (Hindi) में भी अनुवादित की जा चुकी है| बाय “एजाइल किड्स”

बच्चों के विकास का एक महत्वपूर्ण भाग उनकी चुनाव करने, स्वतंत्र रहने व उनके जीवन में जो कुछ भी घटित होता है उस पर ठीक तरह से नियंत्रण करने की उनकी योग्यता, आदि होते हैं| माता-पिता को भी उनकी इस आज़ादी को समझने और उसे प्रोत्साहित करने की ज़रूरत होती है| “एजाइल किड्स” आपको व्यावहारिक गतिविधियों के एक संग्रह के माध्यम से यह दर्शाती है कि आप अपने अभिभावकीय अधिकारों को छोड़े बिना ही कैसे अपने बच्चों को सशक्त और सक्षम बना सकते हैं| “एजाइल किड्स” का प्रत्येक अध्याय आपको स्पष्ट रूप से उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराता है, जिसे आप पढ़ने के साथ-साथ ही अमल में भी ला सकते हैं| इस पुस्तक में वर्णन की गई पद्धतियाँ बच्चों को वैल्यूज़ (पारिवारिक मूल्य) और दूसरों का सम्मान करना सिखाने में भी बहुत कुशल व प्रभावी हैं|

“एजाइल किड्स” पुस्तक की लेखिका शर्ली रोनेन–हारेल (Shirly Ronen – Harel) और लेखक डैनी (डैन्को) कोवाच (Danny (DanKo) Kovatch) ने एजाइल का अपने-अपने परिवारों में बहुत सफल प्रयोग किया है| “एजाइल किड्स” उनके इसी अनुभव पर आधारित है| आप उनके अनुभवों के बारे में विस्तार से “एजाइल किड्स” के अध्याय 19 में पढ़ सकते हैं|

माता-पिता के लिए एजाइल किड्सकी उपयोगिता

बच्चे जैसे-जैसे बड़े होने लगते हैं अनेक माता-पिता यह महसूस करने लगते हैं कि उनका जीवन बिल्कुल उथल-पुथल सा हो गया है, उन्होंने अपने बच्चों का नियंत्रण खो दिया है और वे लगातार एक फायर-फाइटिंग तरीके से बस स्थितियों पर प्रतिक्रया ही करते जा रहे हैं| उन्हें कई बार उन स्थितियों का भी सामना करना पड़ता है जिनमें उन्हें अपने आप को बच्चों की मांगों से बचाना भी पड़ता है| ऐसी स्थिति में स्वाभाविक रूप से, माता-पिता के दिल-दिमाग को एक प्रकार का ओवर-टाइम करते रहना पड़ता है, उन्हें सुकून के पल नहीं मिल पाते और इस सब के चलते कई बार उनसे गलत निर्णय या व्यवहार हो जाते हैं जो इस तनाव को और बढ़ा देते हैं|

“एजाइल किड्स” एक फ्लेक्सिबल, व्यवस्थित और संगठित पारिवारिक वातावरण के लिए आपको एक प्लेटफार्म प्रदान करती हैं|

संक्षेप में कहें तो एजाइल किड्स आपके पारिवारिक संवाद को एक शांत और नियंत्रित समय व स्थान में व्यवस्थित करती है| एक दूसरे पर नाराज़ होने, उंगली उठाने के बजाय किसी समस्या पर खुली चर्चा को सिविधाजनक बनाने में एजाइल किड्स आपकी सहायता करती है| यह “कमांड एंड कंट्रोल” (आदेश और नियंत्रण) के बजाय परिवार के सदस्यों में पारिवारिक संवाद के दौरान सहभागिता और जवाबदेही को विकसित करती है| बच्चों में स्वयं के कार्यों व व्यवहार के प्रति उत्तरदायित्व व जवाबदेही लाकर उन्हें अनुशासित और व्यवस्थित बनाने में आपकी सहायता करती है| इससे परिवार में उथल-पुथल व तनाव का वातावरण कम होता है व सकारात्मकता आती है| साथ ही माता-पिता में एक स्वाभाविक नियंत्रण की भावना भी आती है जो बच्चों को लेकर उनके अन्दर के डर को भी कम करने में सहायक होती है|

बच्चों का सशक्तिकरण

एक माता-पिता के रूप में आप यह भली भाँती समझते हैं कि बच्चे जो कुछ भी करें उनके अन्दर उस कार्य पर अपने नियंत्रण की भावना विकसित करना कितना महत्वपूर्ण होता है| इसके लिए शुरुआत से ही बच्चों का सशक्तिकरण बहुत आवश्यक होता है| वर्तमान के आधुनिक प्रतिस्पर्धी समय में तो यह और भी अधिक प्रासंगिक व महत्वपूर्ण होता जा रहा है|

सशक्तिकरण (एमपावरमेंट) को हम एक ऐसी प्रोसेस के रूप में परिभाषित कर सकते हैं जिसके अंतर्गत, जिनके पास अधिकार व शक्तियां होती हैं (माता-पिता) वे अपने कुछ अधिकार व शक्तियां दूसरों (अपने बच्चों) को दे देते हैं लेकिन साथ ही वे सीमाओं व अपने अधिकार को भी बनाए रखते हैं| इस प्रकार वे दोनों ही प्रगति करते हैं और साथ ही उनमें अधिक मज़बूती भी आती है|

वास्तव में, बच्चों के सशक्तिकरण के माध्यम से हम अपने परिवार में “पूर्ण नियंत्रण या कोई नियंत्रण नहीं” की स्थिति से माता-पिता व बच्चों दोनों के ही के परस्पर नियंत्रण (रिलेटिव कंट्रोल) के रूप में एक सकारात्मक बदलाव लाते हैं| यह बच्चों के कार्य करने, निर्णय लेने और अपनी टास्क को पूरा करने की योग्यता के प्रति उनके आत्म-विश्वास को मज़बूत करती है|

हर माता-पिता इस बात को भलीभांति समझते हैं कि बच्चों का पालन-पोषण और उनकी परवरिश आसान नहीं हैं| यह बहुत ही ज़िम्मेदारी वाला पूर्ण-कालिक कार्य होता है जिस पर आपके बच्चों का पूरा भविष्य निर्भर करता है| आपकी इस ज़िम्मेदारी का निर्वहन “एजाइल किड्स” निश्चित रूप से नहीं कर सकता क्योंकि माता-पिता का स्थान कोई भी नहीं ले सकता है| लेकिन आपके बच्चों के सशक्तिकरण हेतु “एजाइल किड्स” आपको सरल, प्रभावी और व्यावहारिक एजाइल टूल्स व टेक्निक्स अवश्य उपलब्ध कराता है|

एजाइल का परिचय

एजाइल एक अम्ब्रेला टर्म (व्यापक पारिभाषिक शब्द) है| एजाइल में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से सम्बंधित अनेक मेथड्स और प्रोसेसेस शामिल रहती हैं| एजाइल प्रैक्टिसेज (कार्यव्यवहार) लगभग 90 के दशक की शुरुआत से ही दुनिया में प्रयोग में लाई जा रही हैं| एजाइल एक संगठित रूप में 2001 में सामने आया, जब एजाइल मेनिफेस्टो (http://www.agilemanifesto.org/) पब्लिश किया गया| इसका वर्णन “एजाइल किड्स” पुस्तक के अध्याय 20 में किया गया है|

सामान्य रूप से एजाइल को समझने का प्रयास करें, तो मैं एजाइल को एक लीडरशिप फिलोसफी (नेतृत्व दर्शन) मानता हूँ| एजाइल स्व-प्रबंधन, जवाबदेही, सहभागिता, पारदर्शिता, टीम वर्क और डिस्ट्रिब्यूटेड लीडरशिप को बढ़ावा देता है| एजाइल समय-असमय होने वाले बदलाओं के प्रति अनुक्रिया (रिस्पांस) करने और निरंतर सुधार करने की प्रक्रिया को आसान व प्रगतिशील बनाता है| इसके लिए एजाइल एक खुला मंच प्रदान करता है, जिसमें आप उपलब्ध अनेक एजाइल मेथड्स व प्रोसेसेस में से अपनी आवश्यकता और सुविधानुसार किसी का भी उपयोग कर सकते हैं|

एजाइल की ये उपरोक्त वर्णित कुछ विशेषताएं और इसका मानव संसाधन केन्द्रित दृष्टिकोण (Human Resource Centric Approach), एजाइल को केवल सॉफ्टवेयर ही नहीं, बल्कि किसी भी क्षेत्र में प्रयुक्त किये जाने हेतु सक्षम बनाता है| एजाइल की यही विशेषताएं एजाइल को हमारे पारिवारिक जीवन में अमल में लाये जाने के लिए भी पूर्ण रूप से उपयुक्त बनाता है|


बाय “एजाइल किड्स”

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